May 22, 2024

International

इंटरनेट डेस्क। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन की कड़ी चेतावनी का इजराइल पर कोई प्रभाव पड़ता नहीं दिख रहा है। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अब इस संबंध में अमेरिकी राष्ट्रपति को करारा जवाब दिया है। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन की चेतावनी के बाद बेंजामिन नेतन्याहू ने बोल दिया कि हमास के खिलाफ युद्ध में यदि जरूरत पड़ी तो उनका देश अकेला भी खड़ा रहेगा। उन्होंने इस दौरान बोल दिया कि यदि हमें अकेला खड़ा रहना होगा तो हम अकेले ही खड़े रहेंगे। अगर जरूरत पड़ी तो हम अपनी पूरी ताकत के साथ लड़ेंगे।

इजराइली सेना भी बोल दी ये बड़ी बात
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन की कड़ी चेतावनी के बाद इजराइली सेना ने भी बड़ा दावा किया है। सेना ने दावा किया कि गाजा के दक्षिणी शहर राफा में सैन्य कार्रवाई करने के लिए जरूरी हथियार उसके पास हैं। इजराइली सेना के प्रवक्ता रियर एडमिरल डेनियल हैगरी ने इस संबंध में बड़ा बयान दिया है। संवाददाता सम्मेलन में ये पूछने पर की क्या सेना अमेरिकी हथियारों के बिना भी अभियान चला सकती है तो उन्होंने बोल दिया कि सेना के पास उन अभियानों के लिए हथियार हैं जिनकी वह योजना बना रही है।

राष्ट्रपति जो बाइडेन ने दी थी ये चेतावनी
इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इजरायल को बोल दिया कि अगर वो राफा में गए तो मैं उन्हें हमले के उन हथियारों की सप्लाई नहीं करूंगा, जिनका उपयोग राफा से निपटने के लिए कर सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को राफा में शरण लिए हुए एक मिलियन से अधिक नागरिकों की भलाई की चिंता है।

PC:arabnews
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इंटरनेट डेस्क। इजरायल और हमास के बीच जारी जंग अभी समाप्त होने का नाम नहीं ले रही है। दोनों के बीच छिड़ी जंग को छह महीने हो गए हैं। इजरायल ने हमास को नष्ट करने की ठान ली है। इस बीच इजरायली सुरक्षाबलों ने गाजा पट्टी पर एयरस्ट्राइक की थी। इसमें हमास नेता इस्माइल हानिया के तीन बेटों की मौत होने की जानकारी मिली है।

इजरायली सेना की ओर से इस संबंध में दावा किया गया है। सेना की ओर से दावा किया गया कि हमास नेता इस्माइल हानिया के तीन बेटे आमिर, हाजेम और मोहम्मद गाजा में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने जा रहा थे कि वे हवाई हमलों की चपेट में आ गए।

बेटों की मौत को लेकर इस्माइल हानिया ने कही ये बात
इस्माइल हानिया ने अल जजीरा को दिए एक साक्षात्कार में इस बात की जानकारी दी है। उन्होंने इसमें बताया कि जेरूसलम और अल-अक्सा मस्जिद को आजाद कराने की जंग में उनके चार बेटों में से तीन बेटे शहीद हो गए। इस्माइल हानिया ने इजराइल के लिए यहां तक बोल दिया कि अगर किसी को लगता है कि मेरे बेटों को निशाना बनाकर वे हमास को उसका रुख बदलने पर मजबूर कर देंगे तो ये भ्रम है।

कौन है इस्माइल हानिया?
इस्माइल हानिया का जन्म 29 जनवरी 1962 को गाजा पट्टी के शरणार्थी शिविर में हुआ था। वह पढ़ाई के दौरान ही हमास संगठन से जुड़ा था। साल 2006 में इस्माइल हानिया फिलिस्तीन का प्रधानमंत्री भी बन चुका है। कई साल पहले वो गाजा पट्टी से वह भाग गया था। अभी वह कतर में ही नर्वासन मेंं रह रहा है।

PC:aljazeera
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Rafael Nadal’s hopes of returning to Roland Garros for a crack at a 15th French Open title suffered a major blow on Thursday when the 37-year-old Spaniard was forced to withdrew from the Monte Carlo Masters.

The 22-time Grand Slam winner was expected to make his ATP Tour comeback in the Principality having not played since Brisbane in January.

“Unfortunately I have to tell you that I am not going to be playing in Monte Carlo. My body simply won’t allow me,” said the battle-weary Spaniard on social media.

The record 11-time Monte Carlo winner missed virtually all of the 2023 season through injury and has only played at the Brisbane International this season, where he felt a hip injury flare-up during his quarter-final defeat by Jordan Thompson.

That prompted his withdrawal from the Australian Open as well as Doha and Indian Wells, where he had first intended to make his comeback.

His one appearance since Brisbane came in an exhibition match against Carlos Alcaraz in Las Vegas in March where observers noted some discomfort in his back, which has evidently not cleared up.

“Even if I am working hard and making the maximum effort every day with all the will to play and compete again at tournaments that have been…

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इंटरनेट डेस्क। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपने अमेरिकी समकक्ष जो बाइडन को ताइवान को लेकर चेतावनी दी है। दुनिया के इन दोनों दिग्गज नेताओं के बीच हाल ही में फोन पर बात हुई है।

खबरों के अनुसार, चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग ने फोन पर हुई बात में कहा कि ताइवान पहली लाल रेखा है, जिसे अमेरिका द्वारा पार नहीं किया जाना चाहिए। जिनपिंग ने इस मामले में यहां तक बोल दिया कि चीन हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठेगा।

खबरों के अनुसार, दोनों देशों के बीच 1 घंटे 45 मिनट तक कई मुद्दों पर बात हुई। इस बातचीत में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने ताइवान जलडमरूमध्य में शांति और स्थिरता बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

इस दौरान उन्होंने रूस के रक्षा उद्योग के लिए चीन के समर्थन पर भी अपनी ओर से चिंता व्यक्त की है। इसके अलावा यूएस के राष्ट्रपति बाइडन ने दक्षिण चीन सागर में कानून के शासन और नेविगेशन की स्वतंत्रता के महत्व पर भी अपनी बात रखी है।

PC:businessinsider

इंटरनेट डेस्क। गूगल लोगों के लिए बहुत ही उपयोगी है। अब गूगल का उपयोग करने वाले यूजर्स के लिए अच्छी खबर आई है। खबर ये है कि अब गूगल की ओर से सैटेलाइट कनेक्टिविटी पर काम किया जा रहा है। खबरों के अनुसार, गूगल की ओर से सैटेलाइट कनेक्टिविटी का सपोर्ट मैसेजिंग एप में दिया जाएगा। इसके बाद नेटवर्क ना होने की स्थिति में भी लोग किसी को संदेश भेज सकेंगे।

हाल ही में एक दावा सामने आया था कि गूगल संदेश एप में सैटेलाइट कनेक्टिविटी का सपोर्ट मिलने वाला है। इसके अलावा गूगल अपने मैसेजिंग एप में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चैटबॉट जेमिनी का भी सपोर्ट दिया जाएगा।

सैटेलाइट कनेक्टिविटी के बारे में सबसे पहले 9to5Google की ओर से जानकारी प्रदान की गई थी। सैटेलाइट कनेक्टिविटी गूगल के लोगों के लिए बहुत ही उपयोगी साबित होगी। इसका लोगों को भी इंतजार है। गौरतलब है कि गूगल का दुनिया में बड़ी संख्या में लोगों द्वारा उपयोग किया जाता है।

PC:amarujala
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Senegalese goalkeeper Cheikh Sarr was suspended for two matches in Spain on Wednesday after receiving a red card following an altercation with an opposition fan who racially abused him.

Sarr, who plays for third-division club Rayo Majadahonda, was sent off for jumping into the stands and confronting a supporter who had repeatedly insulted him during a match against Sestao last weekend.

His teammates did not want to finish the match and returned to the dressing rooms, denouncing the “unacceptable racist insults”.

The Spanish football federation (RFEF) acknowledged Sarr was “seriously offended”, but banned him for his reaction.

It also criticised Sarr and his teammates for not reporting the racist chanting earlier in the game when it had first started.

Sestao were fined 6,000 euros ($6,500) and ordered to play their next two home games behind closed doors, but were awarded a 3-0 forfeit victory for the game against Rayo Majadahonda, whose players had refused to complete the match.

The Spanish press called on authorities not to sanction Sarr if Spain “really wants to end racism” in stadiums.

“The victim cannot be punished,” read a headline in sports daily Marca.

Sarr said what he had suffered “was something horrible, something that I could not bear, very sad”, in a press conference on Tuesday.

“My daughter deserves a better world….

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खेल डेस्क। इंडियन प्रीमियर लीग के 17वें संस्करण के 15वें मैच में आज रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का सामना लखनऊ सुपर जायंट्स से होगा। दोनों ही टीमें इस मैच को जीतकर अंक तालिका में अपनी स्थिति सुधारने के लक्ष्य से मैदान पर उतरेगी।

इस मैच में एक फिर से क्रिकेट प्रशंसकों की नजर आरसीबी के पूर्व कप्तान विराट कोहली पर होंगी। वह अभी शानदार फॉर्म में है। उनके पास आज आईपीएल के इस संस्करण में अपने दो सौ रन पूरे करने का मौका होगा। वह तीन मैचों में अभी तक 181 रन बना चुके हैं। आज के मैच में 19 रन बनाते ही वह आईपीएल के इस संस्करण में दो सौ रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज बन जाएंगे।

वह टूर्नामेंट में दो अर्धशतक लगा चुके हैं। आईपीएल के मौजूदा संस्करण में अभी तक राजस्थान रॉयल्स के रियान पराग ही विराट कोहली के बराबर 181 रन बना सके हैं। आरसीबी को पिछले मैच में विराट कोहली की शानदार पारी के बावजूद केकेआर के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था।

PC:espncricinfo

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Good Friday and Easter – along with other days during Holy Week – are some of the most important on the Christian calendar. During this time, Christian communities around the world commemorate the crucifixion and resurrection of Jesus Christ through a variety of religious rituals and observances.

However, while these dates have religious significance for Christians, they have also become important for some Hindu and Muslim communities in South Africa. The story of Easter’s significance for these South African Hindus and Muslims is intertwined with slavery, colonialism and indentured labour – all of which have shaped the history of modern South Africa.

South African Indians number about 1.5 million people, around 2% of the country’s population, concentrated in the eastern province of KwaZulu-Natal. Most South African Indians trace their roots to indentured workers who were brought by the British colonial government between 1860 to 1911 to grow the colonial economy by working on sugarcane plantations. The majority of these indentured workers came from modern-day Tamil Nadu and Andhra Pradesh, with a smaller percentage coming from Uttar Pradesh and Bihar.

For these migrant workers who found themselves in an unfamiliar land, religious ceremonies and rituals provided a way to build community and a shared identity. For the…

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The Ministry of External Affairs said on Saturday that it has rescued and repatriated about 250 Indians who were “forced to undertake illegal cyber work” in Cambodia. Of these, 75 persons were repatriated in the last three months.

A report in The Indian Express on Friday had claimed that there are at least 5,000 Indians who have been “forced into cyber-slavery in Cambodia” by fraudsters.

“We have seen media reports on Indian nationals stuck in Cambodia,” said Ministry of External Affairs Spokesperson Randhir Jaiswal. “Our Embassy in Cambodia has been promptly responding to complaints from Indian nationals who were lured with employment opportunities to that country but were forced to undertake illegal cyber work.”

Jaiswal said that the ministry remains “committed to helping all those Indian nationals in Cambodia who seek our support”.

“We are also working with Cambodian authorities and with agencies in India to crack down on those responsible for these fraudulent schemes,” Jaiswal added, without specifying any estimate on the likely number of Indians who are still trapped in the Southeast Asian country.

According to The Indian Express, the matter came to light after the Rourkela Police in Odisha busted a cyber-crime syndicate in December, arresting eight people who were…

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Nepal’s Department of National Parks and Wildlife Conservation released 25 critically endangered gharials (Gavialis gangeticus) into a tributary of the transboundary Mahakali River (also known as Sarda in India) on March 17. This action, the department says, aligns with plans to gradually reintroduce the crocodiles to rivers where they historically had roamed but became extinct due to various reasons.

However, researchers and conservationists observing the release have raised concerns regarding the transparency and timing of the process.

A total of 22 females and three males raised at the gharial breeding center at Chitwan National Park were released into the Chaudhar River, which flows through the Shuklaphanta National Park part of the Terai Arc Landscape in far western Nepal. The last remaining gharial in the river was found dead in 1993.

“We welcome the translocation of the gharials into rivers where they historically roamed,” said crocodile researcher and conservationist Ashish Bashyal from the non-profit Biodiversity Conservancy Nepal. “However, it could have been done in a better way,” he added.

Gharials, known for their slender snouts ending in a swollen tip, previously inhabited the Ganga River and its tributaries in South Asia. Presently, they are found in only a handful of rivers within the Ganga Basin, facing threats from dams and barrages, fishing, infrastructure…

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इंटरनेट डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय दो दिवसीय दौरे पर भूटान में हैं और यहां कई समझौतों पर दोनों देशों के बीच में सहमति बनी है। वहीं दूसरी और रूस की राजधानी मॉस्को के पास क्रोकस सिटी हॉल में कॉन्सर्ट के दौरान आतंकवादी हमला हुआ हैं। आतंकवादियों ने लोगों पर अंधाधुंध गोलीबारी की। इस हमले में करीबन 60 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई।

गोलीबारी के बाद हॉल में धमाका भी हुआ, जिससे वहां आग लग गई। मॉस्को में हुए इस आतंकवादी हमले के बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आलोचना की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए पीएम मोदी ने कहा, हम मॉस्को में हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करते हैं।

मीडिया रिपोटर्स की माने तो पीएम ने आगे कहा हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं पीड़ितों के परिवार के साथ हैं। भारत इस दुख की घड़ी में रूस के साथ खड़ा है। बता दें कि इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ने ली है।

pc- abp news

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इंटरनेट डेस्क। आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ऑफ सीरिया एंड इराक ने एक बार फिर से दुनिया को अपने तेवर दिखा दिए है। इस संगठन ने शुक्रवार को मॉस्को के क्रोकस कॉन्सर्ट हॉल में हुई गोलीबारी और बम विस्फोट की जिम्मेदारी ली है। बता दें की रूस की राजधनी मॉस्को में एक क्रोकस कॉन्सर्ट में लगभग पांच बंदूकधारी गुस्से और उन्होंने वहां अंधाधुंध गोलीबारी कर दी।

मीडिया रिपोटर्स की माने तो इस भीषण आतंकी हमले में कम से कम 60 लोगों की मौत हो गई और 145 घायल हो गए। इसके बाद अपने टेलीग्राम चैनल पर एक बयान जारी कर कहा, हमारे लड़ाकों ने रूस की राजधानी मॉस्को के बाहरी इलाके में स्थित क्रोकस कॉन्सर्ट हॉल में हमला किया। आईएस के बयान में यह भी कहा गया है कि हमलावर सुरक्षित रूप से अपने ठिकानों पर लौट आए हैं।

इस बीच रूसी मीडिया ने आतंकवादियों की तस्वीरें प्रकाशित की हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में आतंकी हमले के चश्मदीदों के हवाले से बताया गया कि हमलावर एशियाई और कॉकेशियाई लोगों जैसे दिखते थे और रूसी नहीं, बल्कि विदेशी भाषा में बातचीत कर रहे थे।

pc-www.timesofisrael.com

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Indian men’s singles shuttlers Lakshya Sen and Kidambi Srikanth both registered wins in the opening round of the 2024 Swiss Open Super 300 in Basel on Wednesday.

Sen beat Malaysia’s Leong Jun Hao 21-19, 15-21, 21-11 in 62 minutes, while Srikanth took 43 minutes to beat Wang Tzu Wei of Chinese Taipei 21-17, 21-18.

Women’s singles player PV Sindhu also began her campaign in the tournament with a straight-game win (21-12, 21-13) over Thailand’s Pornpicha Choeikeewong.

In women’s doubles, the Indian pair of Ashwini Ponnappa and Tanisha Crasto beat the Indonesian duo of Meilysa Trias Puspitasari and Rachel Allessya Rose 21-18, 12-21, 21-19 to progress to the next round.

Sen began on the wrong foot in the opening game, with the seventh seed being unable to take a solid lead against Leong. After the mid-game break, the Malaysian opened up the game against Sen to take a 14-8 lead. But Sen then went on a five-point winning streak to reduce the gap to one point. After that, the Indian levelled the scoreline at 16-all and then 18-all and then went on to win the game 21-19.

The second game was dominated by Leong who kept pace with Sen in the opening exchanges before surging ahead with a 12-4 lead after…

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इंटरनेट डेस्क। पाकिस्तान में आम चुनाव हो चुके हैं ओर उसके साथ ही देश को पीएम और राष्ट्रपति दोनों ही मिल चुके है। ऐसे में देश को नए राष्ट्रपति के तौर पर आसिफ अली जरदारी मिलेे है। वैसे उन पर उनके पुराने कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। उसी मामले में अब पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को छूट देने की अपील की गई है।

मीडिया रिपोटर्स की माने तो जरदारी पर अपने पिछले कार्यकाल के दौरान प्रमुख कंपनियों को ऋण दिलाने में अधिकारियों को प्रभावित करने के आरोप हैं। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के वकीलों ने मंगलवार को भ्रष्टाचार के एक मामले में उन्हें बरी करने की अपील की।

बता दें की राष्ट्रपति होते हुए उनके खिलाफ मुकदमा नहीं चलाया जा सकता, इस आधार पर जरदारी के लिए छूट मांगी गई। आमतौर पर भ्रष्टाचार के इस मामले को पार्क लेन के रूप में जाना जाता है। जरदारी पर पिछले कार्यकाल के दौरान प्रमुख कंपनियों को ऋण दिलाने के दौरान अधिकारियों को प्रभावित करने के आरोप हैं।

pc- navbharat

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Three years ago, Bhutan announced a mandatory programme to train all youth who had turned 18 in sectors such as agriculture, entrepreneurship, construction and technology. But it was only this year, as unemployed youth started to leave the country in large numbers, that the Gyalsung (“service to the nation”) initiative was fully launched.

Since 2022, the tiny Himalayan country of Bhutan has witnessed a surge of citizens leaving for other countries. That year, the country’s only international airport at Paro recorded 16,973 outward migrants – a cause of worry for a country with a population of 7.7 lakh.

Nearly 30% of those leaving the country were below 35 years, reported the government-owned daily Kuensel.

The exodus of Bhutan’s younger people and skilled workers is a concern for India as well. People-to-people relations have been a central aspect of the Indo-Bhutanese relationship. Over the decades, thousands of Bhutanese have come to India to be educated and receive technical training.

The goodwill this has generated has fostered support and sympathy in Bhutan for better relations with Delhi and deterred the influence of China in the Himalayan region. This explains Bhutan’s support for trilateral negotiations on Dokalam. Though this region in Bhutan is claimed by China, Thimphu agrees that New Delhi should have…

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When Indian office manager Maya heard of an opportunity to work as a carer in Britain she jumped at the chance to gain overseas experience and send money home, but she is now heavily in debt and says she and colleagues were “treated like slaves”.

The mother-of-two is among tens of thousands of overseas carers who have arrived in Britain under an initiative launched in 2022 to plug massive staff shortages in the country’s creaking social care system.

But reports of exploitation have sky-rocketed since the scheme’s introduction, with one migration expert describing the care sector as “a complete wild west”.

Maya and other care workers told Context they ended up working long days for little money after paying thousands of pounds to an agent in India to secure jobs with a care company in the north of England.

They said a climate of fear left staff terrified of speaking up in case they were sacked, which would put them at risk of deportation because their visa was tied to their employment.

“We’ve thought about going back to India but how would we survive with so much debt? We’re trapped,” said Maya, who asked to use a pseudonym for fear of repercussions.

“I pledged my home to the bank to get the loan to come…

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Indian badminton star Lakshya Sen’s campaign at the All England Open came to an end of Saturday after he lost to Jonatan Christie in the men’s singles semi-finals.

Sen, who finished as runner up in the 2022 edition, lost to Christie 12-21, 21-10, 15-21 in an hour and eight minutes.

It was a close start to the match with both sides exchanging the lead in the opening game. Christie began to stitch together consecutive points to take a 9-7 and then a 15-8 lead. Sen could not muster a comeback as Christie took the first game 21-12.

The second game was a one-sided affair as Sen raced away with the lead. Leading 4-3, he won 13 of the next 14 points to take a 17-4 lead. His Indonesian opponent could not find a way back as Sen won the second game 21-10 to force a decider.

Both players exchanged points at the start of the third game. However, Christie took the lead at the mid-game break at 11-8. The 2018 Asian Games gold medallist held on to his lead and at 15-12 won five points…

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इंटरनेट डेस्क। रूस और यूक्रेन में चल रहा युद्ध कब समाप्त होगा, इसके बारे में किसी को कुछ पता नहीं हैं, लेकिन रूस में इस समय राष्ट्रपति का चुनाव हो रहा हैं और आज इसका दूसरा दिन है। इस दौरान रूस ने यूक्रेन पर हमला किया हैं और कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई है।

यूक्रेन के अधिकारियों ने बताया है कि शुक्रवार को रूस ने ओडेसा शहर में मिसाइल हमले किए। इस हमेले से शहर में नागरिक बुनियादी ढांचा हिल गया है। इन हमलों में 14 लोग मारे गए और 46 घायल हो गए। यूक्रेन ने इसे मॉस्को का अब तक का सबसे घातक हमला कहा है।

मीडिया रिपोटर्स की माने तो क्षेत्रीय गवर्नर ओलेह किपर ने टेलीग्राम मैसेजिंग ऐप पर कहा है कि रूसी मिसाइल हमले में मरने वालों में स्थानीय निवासियों के अलावा एक डॉक्टर और राहतकर्मी भी शामिल है।

pc- jasatta

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इंटरनेट डेस्क। रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध को लगभग दो साल पूरे हो चुके हैं और अब तक इस युद्ध को लेकर कोई परिणाम नहीं निकला है। दोनों देश इस युद्ध से आर्थिक और मानवीय घाटा झेल रहे है। इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडोमिर जेलेंस्की का एक बड़ा बयान सामने आया हैं और उन्होंने मित्र देशों से इसके लिए मदद मांगी है।

मीडिया रिपोटर्स की माने तो यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडोमिर जेलेंस्की ने कहा की युद्ध में यूक्रेन को तगड़ी मार देने के लिए रूस नई प्लानिंग कर रहा है। उन्होंने कीव में मीडिया से बात करते हुए कहा कि रूस मई के अंत या गर्मियों में यूक्रेन के खिलाफ एक बहुत बड़े हमले की तैयारी कर रहा है।

यूक्रेन पर रूस के आक्रमण की दूसरी वर्षगांठ के एक दिन बाद बोलते हुए जेलेंस्की ने कहा कि रूस से लड़ने के लिए कीव और उसके पश्चिमी सहयोगियों के लिए एकजुट रहना महत्वपूर्ण है और दोहराया कि यूक्रेन की जीत निरंतर पश्चिमी समर्थन पर निर्भर करती है।

pc- hindustan

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इंटरनेट डेस्क। इजरायल और हमास के बीच यु़़द्ध की शुरूआत एक बार फिर से हो गई है। बता दें की शुक्रवार को सीजफायर का समझौता टूट गया। इस युद्धविराम के खत्म होने के बाद एक बार फिर इजरायल ने गाजा पर बमबारी शुरू कर दी है। बता दें की इस बार इजरायल ने पूरे गाजा को टारगेट किया है।

मीडिया रिपोटर्स की माने तो युद्धविराम से पहले जहां इजरायली सेना का निशाना सिर्फ उत्तरी गाजा था। अब उसने पूरे गाजा पर हमले शुरू कर दिए हैं। इसके साथ ही इजरायल ने हमास के खात्मे की कसम भी खाई है।

मीडिया रिपोटर्स की माने तो इजरायल के शीर्ष घरेलू सुरक्षा अधिकारी रोनेन बार ने कहा कि इजरायल दुनिया भर में कहीं भी हमास को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। भले ही इसमें कई वर्ष क्यों न लग जाएं।

pc-www-vox-com

इंटरेनट डेस्क। इजराइल और हमास में जारी संघर्ष के बीच स्पेन ने फिलिस्तीन को लेकर बड़ा कदम उठाने का निर्णय लिया है। खबरों के अनुसार, स्पेन ने अब 2023 में फिलिस्तीन को दी जाने वाली सहायता में तीन गुना इजाफा किए जाने की योजना बनाई है। स्पेन के कार्यवाहक विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्बेरेस ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस बात की जानकारी दी है।

इससे पहले लक्जमबर्ग में यूरोपीय संघ की विदेश मंत्रिस्तरीय बैठक के बाद स्पेन के कार्यवाहक विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्बेरेस कहा था कि स्पेन ने फिलिस्तीन के लोगों के लिए मानवीय सहायता बढ़ाकर 2.1 करोड़ यूरो कर दी है और निकट भविष्य में इस राशि को दोगुना करने की तैयारी की जा रही है।

जोस मैनुअल अल्बेरेस ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि हमने गाजा पट्टी में मानवीय संकट के बीच फिलिस्तीनी लोगों के लिए 2.6 करोड़ यूरो की राशि में एक नया सहायता पैकेज तैयार किया है। इसमें उन्होंने लिखा कि हम फिलिस्तीन के साथ सहयोग को तीन गुना करेंगे। स्पेन की ओर से 2023 में 4.85 करोड़ यूरो प्रदान किए जाएंगे।

PC: aa.com

इंटरनेट डेस्क। इजराल-हमास के बीच लगातार 27 दिनों से युद्ध जारी है। हजारों बेगुनाहों की जान जा चुकी है और दोनों देश आर्थिक और मानवीय रूप से क्षति भी झेल रहे है। इसी बीच अब युद्ध और भी गंभीर होने की स्थिति में है। बताया जा रहा है की इजरायली सेना ने ऐलान किया है कि उसने गाजा में हमास को चारों तरफ से घेर लिया है।

मीडियारिपोटर्स की माने तो सेना ने एरियल स्ट्राइक के साथ-साथ ग्राउट अटैक भी शुरू कर दिया है। इस दौरान इजरायली सेना के हमले में अभी तक 9 हजार से अधिक फिलस्तिन नागरिकों की मौत हो चुकी है। वहीं इजरायल में 1400 के करीब लोगों की जान जा चुकी है।

मीडिया रिपोटर्स के अनुसार फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि गाजा में 35 में से 16 अस्पताल सेवा से बाहर हैं। इस बीच, हिजबुल्लाह प्रमुख हसन नसरल्ला के बहुप्रतीक्षित भाषण के बीच इजराइल-लेबनान सीमा पर लड़ाई तेज हो गई है।

pc- news18 hindi

इंटरनेट डेस्क। इजराइल और गाजा के बीच जारी संघर्ष समाप्त होने का नाम नहीं ले रहा है। इस विवाद को खत्म करने के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा ने बड़ा कदम उठाया है। दोनों पक्षों के बीच संघर्ष को रोकने के लिए गाजा में मानवीय संघर्ष विराम का आह्वान करने वाला एक प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र महासभा में पारित हो गया है। संयुक्त राष्ट्र महासभा का ये प्रस्ताव हालांकि बाध्यकारी नहीं है।

खबरों के अनुसार, इस प्रस्ताव को अरब देशों द्वारा पेश किया गया था। जिसे 193 सदस्यीय इस विश्व निकाय ने 14 के मुकाबले 120 मतों से पारित कर दिया। इस प्रस्ताव को लेकर हुए मतदान से 45 देश दूर रहे।

संयुक्त राष्ट्र महासभा की ओर से अमेरिका द्वारा समर्थित कनाडा के एक संशोधन को खारिज करते हुए यह प्रस्ताव पारित कर दिया है।गौरतलब है कि इजराइल और गाजा के बीच जारी इस संघर्ष में बड़ी संख्या में लोगों की मौता हो चुकी है।

PC:livemint

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इंटरनेट डेस्क। इजरायल और हमास की जंग जारी है, हजारों लोगा काल के गाल में समा चुके है और अब ये जंग बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है। मीडिया रिपोटर्स की माने तो अमेरिकी सरकार के आदेश पर लगभग 2000 अमेरिकी सैनिकों और यूनिट्स को अलर्ट कर दिया गया है।

इसके साथ ही खबर ये भी है की हमास से जंग के बीच अमेरिका पूरी तरह से इजरायल के समर्थन में खड़ा है। अमेरिका कई मौकों पर कह चुका है कि जब तक उसका अस्तित्व है, वह इजरायल का साथ नहीं छोड़ेगा। इस वादे को निभाने के लिए ही अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन बुधवार को इजरायल पहुंच रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो बाइडेन का कहना है कि वह हमास के हमले के खिलाफ एकजुटता दिखाने के लिए इजरायल जा रहे हैं। अमेरिका और इजरायल की दोस्ती किसी से छिपी नहीं है, अमेरिका हथियारों से लेकर अन्य जरूरी सामान तक इजरायल को मुहैया कराता आया है।

pc- amar ujala