April 25, 2024

Entertainment

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इंटरनेट डेस्क। बॉलीवुड के भाईजान सलमान खान की फिल्म टाइगर 3 बारह नवंबर को रिलीज होने जा रही हैै और और फिल्म को लेकर फैंस के बीच बड़ा क्रेज देखने को मिल रहा है। इस फिल्म में सलमान खान और कटरीना कैफ के अलावा शाहरुख खान एक्टर इमरान हाशमी भी नजर आएंगे।

बता दें की इमरान हाशमी फिल्म में विलेन के रोल में हैं और उनके किरदार को अभी सीक्रेट रखा गया है। वहीं मीडिया रिपोटर्स की माने तो ऐसी भी चर्चा थी कि टाइगर 3 में वॉर के कबीर ऋतिक रोशन भी नजर आएंगे। ऐसे में ये खबर अब कन्फर्म हो चुकी है। खबरों की माने तो ऋतिक ने 4 नवंबर को टाइगर 3 में अपने सीक्वेंस की शूटिंग की है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार टाइगर 3 में एक सीन को ऋतिक रोशन के साथ 4 नवंबर को यशराज स्टूडियोज में शूट किया गया था। बता दें की इस फिल्म में शाहरुख खान और ऋतिक रोशन कैमियो करते नजर आएंगे।

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इंटरनेट डेस्क। बॉलीवुड अभिनेता मनोज वाजपेयी ने शानदार अभिनय के दम पर अपनी विशेष पहचान बनाई है। उनकी गितनी भी अब बॉलीवुड के दिगगज अभिनेताओं में होती है। अब बॉलीवुड अभिनेता मनोज वाजपेयी का फिल्म जोरम में शानदार अभिनय देखने को मिलेगा, उनकी ये फिल्म अगले महीने 8 दिसबंर को रिलीज होगी।

जी स्टूडियोज की इस फिल्म मनोज बाजपेयी के साथ ही मोहम्मद जीशान अय्यूब, राजश्री देशपांडे, तनिष्ठा चटर्जी और स्मिता तांबे जैसे कलाकार भी अपना अभिनय दिखाते हुए नजर आएंगे।

देवाशीष मखीजा द्वारा निर्देशित, लिखित और तैयार की गई इस फिल्म को शारिक पटेल, आशिमा अवस्थी चौधरी, अनुपमा बोस और देवाशीष मखीजा द्वारा बनाया जा रहा है। 8 दिसंबर को रिलीज होने वाली इस फिल्म का प्रशंसकों को बेसब्री से इंतजार है।
मनोज वाजपेयी अभी तक बहुत सी हिट फिल्मों में अपना शानदार अभिनय दिखा चुके हैं।

PC:news18

इंटरनेट डेस्क। बॉलीवुड के जानेमाने दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर ने शानदार अभिनय के दम पर अपनी विशेष पहचान बनाई है। वह कई सुपरहिट फिल्मों में अपने शानदार अभिनय कर जलवा दिखा चुके हैं।

अब खबर आ रही है अब वह आगामी समय में फिल्मकार अनिल शर्मा की फिल्म में अपने अभिनय का जलवा दिखाते हुए नजर आएंगे। खबरों के अनुसार, अनिल शर्मा अब बॉलीवुड के स्टार अभिनेता नाना पाटेकर को लेकर फिल्म जर्नी बनाने जा रहे हैं।

गदर 2 की अपार सफलता के बाद अनिल शर्मा ने अगली फिल्म का एलान कर दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर पोस्ट कर इस बात जानकारी दी है।

इसमें बॉलीवुड अभिनेता नाना पाटेकर नजर आ रहे हैं। फोटो को शेयर करते हुए अनिल शर्मा ने लिखा कि गदर 2 के बाद काशी विश्वनाथ से नई जर्नी की शुरुआत हो रही है। फिल्म का नाम भी जर्नी रखा गया है। गौरतलब है कि नाना पाटेकर की गितनी आज बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेताओं में होती है।

PC:m.imdb

Ayesha Manazir Siddiqi’s debut, The Centre, is a dark, funny novel that taps into broader questions of language, politics, history, science, and womanhood in contemporary times. It follows Anisa Ellahi, a transcriber of Bollywood films for Netflix who is in her 30s as she bemoans the pointlessness of her life. She was born and raised in Karachi in a well-to-do family. She gets by just fine with her job in the UK because she knows she can rely on her folks back home to fill in the financial gaps.

However, her spirits are reaching an end to such complacency. She feels distanced from her native language – Urdu and her aspirations of becoming a translator. She is lonely – romantically and sexually – and craves a partner beyond her closest friend Naima.

The loneliness of language

Anisa bumps into Adam at a translation studies conference. Gradually, she discovers he knows more than ten languages and starts to feel ashamed of herself. Anisa deals with this by showing no interest beyond sexual gratification from Adam, which is a struggle in itself. He comes from a working-class background and has a series of childhood insecurities making it difficult for him to adjust to Anisa’s flighty, entitled personality.

इंटरनेट डेस्क। बॉलीवुड अभिनेता सनी देओल की फिल्म गदर-2 का लोगों को बड़ी ही बेसबरी के साथ इंतजार है। जैस जैसे फिल्म के रिलीज के दिन नजदीक आते जा रहे है वैसे ही लोगों धेर्य भी अब जवाब देने लगा है। लोगों को जल्द से ये फिल्म देखने का इंतजार है। सनी देओल और अमीषा पटेल की 2001 में रिलीज हुई फिल्म ;गदर का गदर 2 रीमेक है।

मीडिया रिपोटर्स की माने तो फिल्म के मेकर्स ने शुक्रवार को इसका एक और नया मोशन पोस्टर रिलीज किया कर दिया है। इस पोस्टर में सनी और उत्कर्ष शर्मा बॉर्डर पर दौड़ते हुए नजर आ रहे हैं। आपको बता दें की फिल्म में सनी, तारा सिंह और उत्कर्ष उनके बेटे जीत के रोल में नजर आएंगे।

वहीं पोस्टर को शेयर करते हुए सनी देओल ने लिखा, अपने देश और परिवार की रक्षा के लिए, हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है ये तारा सिंह। आपको बता दें की ये फिल्म 11 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होगी और इसी दिन अक्षय कुमार ओर ओहमायगॉड 2 रिलीज होगी।

pc-.republicworld.com

Harrison Ford’s final outing as the rapscallion archaeologist Indiana Jones is a greatest hits compilation – with a new element thrown in. Indiana Jones and the Dial of Destiny is, fittingly, about the passage of time and its manipulation.

De-aging technology is used in scenes to remind us of how Ford looked in 1981, when he first set out on hair-raising adventure in Raiders of the Last Ark. Visual effects are deployed to the hilt as Ford – who is now 80 – embarks on yet another perilous quest to find a mythical object. Fleabag creator Phoebe Waller-Bridge turns up to reel in the younger crowd.

At the end of World War II, Indiana gets his hands on one-third of a time-bending gadget invented by Archimedes. One half is with the Nazi doctor Jurgen Voller (Mads Mikkelsen).

In 1969, as America celebrates its first moon landing, Indiana is forced out of retirement by the arrival of his god-daughter Helena (Waller-Bridge). Helena’s less-than-honourable plans set into motion a continent-hopping trip that sees new allies as well as the return of old friends.

The tone is more sombre, despite no shortage of action sequences from director James Mangold (taking over from franchise regular Steven Spielberg). Beginning on a hectic note, the movie rolls…

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The landmark American movie 12 Angry Men, released in 1957, holds an important lesson for contemporary India.

It is an intense courtroom drama in which the fate of a young man charged with murdering his father depends on the verdict of a 12-member jury. As per the judge’s instructions, if there was any reasonable doubt that the accused may not have committed the crime, the jury must pronounce him not guilty.

There is an air of a foregone conclusion having been reached. At the beginning of the film, 11 of the 12 jury members vote the accused to be guilty. But one juror holds out.

On a sweltering afternoon in a claustrophobic room, juror number eight spiritedly argues for the constitutional rights of the accused, premised on the principles of natural justice that a person is presumed to be innocent unless there is evidence of guilt beyond reasonable doubt.

By the end of the film, this juror has made his case convincingly to the others. The defendant is acquitted.

The film is a remarkable interrogation of prejudices leading to foregone conclusions and incorrect decisions. It is also a celebration of constructive deliberation being the touchstone of democracy and justice that can prevent deaths borne of haste and hubris.