April 23, 2024

Rajasthan

इंटरनेट डेस्क। राजस्थान विधानसभा चुनावों के पहले ही कांग्रेस अपनी आपसी कलह में उलझी हुई है। इस कलह का कारण दो ही नेता है और वो है सीएम अशोक गहलोत और सचिन पायलट। इन दोनों के बीच चल रहा कोल्डवार सबकों पता है। ऐसे में एक बार फिर से पायलट ने भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाया है और सीएम को टारगेट किया है। वो अभी जन संर्घष पद यात्रा निकाल रहे है।

उधर यात्रा को लेकर कांग्रेस आलाकमान भी पूरी नजर गड़ाए बैठा है। इसको लेकर राजस्थान के पार्टी प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि वह राज्य के घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए है, और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को एक रिपोर्ट सौंपेंगे। उन्होंने राजस्थान कांग्रेस के नेताओं के साथ भी बैठक की है।

मीडिया ने जब उनसे पूछा कि वह सचिन पायलट पर कोई कार्रवाई करेंगे। इस पर उन्होंने कहा कि मुझे जो भी कार्रवाई करनी है, मैं उसे नहीं बताऊंगा। मैं सब कुछ देख रहा हूं। उन्होंने पायलट के पैदल मार्च को भी व्यक्तिगत करार दिया है।

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इंटरेनट डेस्क। राजस्थान में विधानसभा चुनावों में भले ही अभी 6 महीने का समय बचा हो लेकिन अभी से ही इसकों लेकर राजनीतिक पाटियां जोड़ तोड़ में लग चुकी है, इस समय कांग्रेस के विधायक और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट जन संर्घष पद यात्रा निकाल रहे है और उसका कारण है भ्रष्टाचार।

वैसे तो यह सबकों पता है की पायलट और गहलोत एक दूसरे को फूटी आंख नहीं सुहाते है, ऐसे में यह यात्रा भले ही पायलट भ्रष्टाचार के नाम पर निकाल रहे हो लेकिन टारगेट पर अशोक गहलोत है। वहीं आरएलपी के प्रमुख हनुमान बेनीवाल का कहना है की पायलट को अलग से पार्टी बना लेनी चाहिए और कांग्रेस को छोड़ देना चाहिए।

अगर वो अलग से पार्टी बनाते है तो हमारी पार्टी उनका साथ देने को तैयार है। उन्होंने कहा की ये में पहले भी कह चुका हूं और अब फिर से कह रहा हूं। पायलट को समय रहते ही यह काम कर लेना चाहिए। समय निकल जाने के बाद कुछ नहीं बचता है।

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